हिन्दू समाज

दृष्टि, द्रष्टा और समाचार

एष ते सञ्जयो राजन् युद्धमेतद् वदिष्यति। एतस्य सर्वसङ्ग्रामे न परोक्षं भविष्यति।।

हे राजन्! यह सञ्जय आपको इस युद्ध का सब समाचार बताया करेगा। सम्पूर्ण सङ्ग्राम-भूमि में कोई ऐसी बात नहीं होगी, जो इसके प्रत्यक्ष न हो।

- महाभारत भीष्मपर्व (2.9)